ग़ज़ा होरहे इसराइल और हमास के बीच युद्धविराम में देरी हो रही है. हालांकि दोनों ही पक्ष मतभेदों को दूर करने के लिए प्रयास किया जा रहा है.
इसराइल और हमास के अधिकारियों की ओर से हाल ही में दिए गए कुछ बयानों के अलावा मध्यस्थों ने जो टिप्पणियां की हैं उनसे तो यही संकेत मिलता है कि समझौता ज़्यादा दूर नहीं है.
मतलब, दुनिया जल्द ही अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर होते हुए देखेगी. लेकिन फ़िलहाल बात आगे नहीं बढ़ पा रही है.
इसराइली रेडियो की ख़बरों से पता चलता है कि इसराइल की नई शर्तों की वजह से हमास के साथ समझौता होने में देरी हो सकती है. और अब हमास भी कुछ और मांगें रख रहा है.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस मामले में वो सावधानी के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
हालांकि उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनको नहीं पता कि किसी समझौते को अमल में लाने में कितना समय लगेगा.
इस बीच, अमेरिका, मिस्र, क़तर और हाल ही में तुर्की ने ग़ज़ा पट्टी में इसराइल और हमास के बीच 14 महीने से जारी जंग को रोकने के लिए मध्यस्थता के प्रयास शुरू किए हैं.
एक अनुमान के मुताबिक़ इस युद्ध में अब तक लगभग 45 हज़ार लोग मारे जा चुके हैं.